Tuberculosis (टीबी) की थैरेपी और दवाइयाँ – सम्पूर्ण जानकारी
🔶 Tuberculosis (टीबी) क्या है? | What is TB?
टीबी (Tuberculosis) एक गंभीर संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों (lungs) को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के किसी भी हिस्से जैसे हड्डी, मस्तिष्क, लिवर या किडनी में भी हो सकता है। यह रोग Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया से होता है।
TB spreads through: संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बोलने से निकले droplets से फैलता है।
🔶 Tuberculosis के प्रकार | Types of Tuberculosis
- 1. Pulmonary TB: फेफड़ों से जुड़ी टीबी
- 2. Extrapulmonary TB: हड्डियों, ब्रेन, किडनी, आंतों आदि में होने वाली टीबी
- 3. Latent TB: TB bacteria शरीर में होते हैं लेकिन लक्षण नहीं होते
- 4. Active TB: जब TB के लक्षण प्रकट होते हैं और इलाज जरूरी होता है
🔶 TB के लक्षण | Symptoms of Tuberculosis
- लगातार 2 सप्ताह से अधिक खांसी
- खांसी में खून आना
- वजन कम होना
- रात को पसीना आना
- भूख कम लगना
- थकान महसूस होना
- सीने में दर्द
🔶 TB की पुष्टि कैसे होती है? | Diagnostic Tests for TB
- Sputum Test (बलगम जांच)
- CBNAAT (GeneXpert)
- Chest X-Ray
- Mantoux Test
- CT Scan (जटिल मामलों में)
- Biopsy (Extrapulmonary TB के लिए)
🔶 TB का इलाज – DOTS Therapy | Treatment of TB (DOTS)
DOTS (Directly Observed Treatment, Short-course) WHO द्वारा सुझाई गई TB की उपचार पद्धति है, जो भारत में भी व्यापक रूप से अपनाई जाती है। इसका उद्देश्य है कि मरीज सही समय पर दवा लें और इलाज अधूरा न छोड़ें।
DOTS में दवाओं को 2 चरणों में दिया जाता है:
- Intensive Phase (2 महीने): इसमें 4 दवाएँ दी जाती हैं
- Continuation Phase (4 महीने): इसमें 2 या 3 दवाएँ दी जाती हैं
कुल इलाज की अवधि: सामान्य टीबी के लिए 6 महीने, लेकिन Drug-resistant TB में 9 से 24 महीने तक हो सकती है।
🔶 First-Line Anti-TB Drugs | TB की सामान्य दवाइयाँ
Drug Name | Hindi Name | Use | Duration |
---|---|---|---|
Isoniazid (INH) | आइसोनियाज़िड | TB bacteria को मारता है | 6 महीने |
Rifampicin (RIF) | रिफैम्पिसिन | बैक्टीरिया की growth रोकता है | 6 महीने |
Pyrazinamide (PZA) | पाइराजिनामाइड | Intensive phase में काम करता है | 2 महीने |
Ethambutol (EMB) | एथमब्युटोल | Drug resistance रोकता है | 2-6 महीने |
🔶 Second-Line Drugs (Drug Resistant TB)
यदि TB पहले लाइन की दवाओं से ठीक न हो तो MDR-TB (Multi Drug Resistant TB) माना जाता है और मरीज को दूसरी पंक्ति की दवाएँ दी जाती हैं:
- Streptomycin
- Levofloxacin
- Moxifloxacin
- Linezolid
- Cycloserine
- Bedaquiline (नई दवा)
- Delamanid
Duration: MDR-TB का इलाज 9 से 24 महीनों तक चलता है।
🔶 TB दवाओं के Side Effects | Side Effects of TB Medications
- पेट दर्द
- भूख न लगना
- पीलिया (Isoniazid और Rifampicin से)
- दृष्टि में धुंधलापन (Ethambutol से)
- त्वचा पर चकत्ते
- हाथ-पैरों में झनझनाहट
सावधानी: दवा के साइड इफेक्ट होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
🔶 TB के मरीज के लिए जरूरी सलाह | Important Advice for TB Patients
- पूरे कोर्स की दवाइयाँ नियमपूर्वक लें
- धूम्रपान और शराब से परहेज करें
- अच्छा पोषण लें – प्रोटीन, विटामिन युक्त भोजन
- खांसते समय मुंह ढकें
- अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें
🔶 भारत सरकार की योजनाएँ | Government TB Control Schemes
- Revised National TB Control Programme (RNTCP)
- Ni-kshay पोर्टल: मरीजों को फ्री दवाइयाँ, पोषण भत्ता
- Ni-kshay Poshan Yojana: ₹500/माह पोषण भत्ता (DBT के माध्यम से)
🔶 TB की रोकथाम | Prevention of TB
- BCG Vaccine का टीका जन्म के समय
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी
- खुले और हवादार स्थानों में रहना
- डायग्नोसिस होते ही इलाज शुरू कराना
🔚 निष्कर्ष | Conclusion
Tuberculosis एक इलाज योग्य रोग है, बशर्ते इसकी समय पर पहचान हो और पूरा इलाज सही तरीके से किया जाए। TB का इलाज अधूरा छोड़ना या अपनी मर्जी से दवा बंद करना गंभीर रूप से घातक हो सकता है और MDR-TB का कारण बन सकता है। सरकार द्वारा मुफ्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, अतः टीबी से डरने की नहीं, जागरूक होने की आवश्यकता है।
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Editor – www.saivanis.co.in