Dopamine Injection: उपयोग, फायदे, साइड इफेक्ट्स और सावधानियाँ | Uses, Benefits, Side Effects & Precautions

Published On:

Dopamine Injection: उपयोग, फायदे, साइड इफेक्ट्स और सावधानियाँ | Uses, Benefits, Side Effects & Precautions

Category: Emergency Medicine, ICU Drugs
Generic Name: Dopamine
Brand Names: Intropin, Dopamine Hydrochloride, Dopacard
Form: Injection (Ampoule or Vial)
Route: Intravenous (IV) infusion


🌐 English Section

What is Dopamine Injection?

Dopamine injection is a powerful cardiovascular drug used in emergency and critical care settings. It acts as a vasopressor and inotrope, helping in increasing heart rate, blood pressure, and cardiac output. It is primarily used in conditions like shock, low blood pressure (hypotension), heart failure, and post-surgery cardiac support.

Mechanism of Action:

Dopamine works by stimulating dopaminergic receptors and adrenergic receptors in a dose-dependent manner:

  • Low dose (1-5 mcg/kg/min): Increases renal perfusion and urine output.
  • Moderate dose (5-10 mcg/kg/min): Increases heart rate and cardiac output.
  • High dose (>10 mcg/kg/min): Causes vasoconstriction and raises blood pressure.

Indications (Uses):

  • Cardiogenic shock
  • Septic shock
  • Hypotension (low BP)
  • Congestive heart failure (acute management)
  • Post-cardiac surgery hypotension
  • To improve kidney perfusion in certain cases

Dosage and Administration:

Route: IV infusion only. It should never be given as a bolus injection.
Starting Dose: 2-5 mcg/kg/min, titrated based on patient response.
Maximum Dose: Up to 20 mcg/kg/min depending on clinical condition.

It is always diluted in dextrose or normal saline and administered via infusion pump under close monitoring in ICU.

Side Effects:

  • Irregular heartbeat (arrhythmia)
  • Chest pain
  • Palpitations
  • Headache
  • Increased blood pressure (hypertension)
  • Extravasation can cause tissue necrosis (blackening of skin at injection site)

Contraindications:

  • Uncorrected tachyarrhythmias
  • Adrenal tumor (Pheochromocytoma)
  • Hypovolemia (low blood volume without correction)

Precautions:

  • Continuous BP, ECG, and urine output monitoring is necessary
  • Correct hypovolemia before starting dopamine
  • Use central line for prolonged administration to prevent tissue damage

Antidote for Extravasation:

Phentolamine injection should be infiltrated around the site of extravasation immediately.

Storage Instructions:

  • Store at 2°C to 25°C
  • Protect from light
  • Use immediately after dilution

FAQs:

  1. Is dopamine safe in children? – Yes, with weight-based dose calculation and ICU monitoring.
  2. Can it be given IM or subcutaneously? – No. Only IV infusion is allowed.
  3. How long can dopamine infusion be continued? – Until hemodynamic stabilization or as per ICU protocol.

🔶 हिंदी सेक्शन

Dopamine इंजेक्शन क्या है?

Dopamine एक आपातकालीन दवा है जो हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में मदद करती है। इसे विशेष रूप से ICU और इमरजेंसी में उन मरीजों को दिया जाता है जिनकी हालत क्रिटिकल होती है, जैसे कि शॉक, हार्ट फेलियर, या अत्यधिक ब्लड प्रेशर गिरने की स्थिति में।

यह कैसे काम करता है?

Dopamine शरीर में अलग-अलग रिसेप्टर्स को उत्तेजित करता है और इसकी डोज के अनुसार असर बदलता है:

  • Low dose (1-5 mcg/kg/min): किडनी की रक्त आपूर्ति बढ़ाता है, जिससे यूरिन आउटपुट बढ़ता है।
  • Moderate dose (5-10 mcg/kg/min): हार्ट रेट और कार्डियक आउटपुट बढ़ाता है।
  • High dose (>10 mcg/kg/min): रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है।

इस्तेमाल:

  • कार्डियोजेनिक शॉक
  • सेप्टिक शॉक
  • गंभीर लो बीपी
  • एक्यूट हार्ट फेलियर
  • सर्जरी के बाद गिरा हुआ बीपी
  • किडनी की ब्लड सप्लाई बढ़ाने में

डोज और देने का तरीका:

इसे केवल IV (इंट्रावीनस) इन्फ्यूजन द्वारा दिया जाता है, डायरेक्ट इंजेक्शन देना खतरनाक हो सकता है।

शुरुआती डोज: 2-5 mcg/kg/min से शुरू करते हैं और मरीज की स्थिति के अनुसार बढ़ाते हैं।
अधिकतम डोज: 20 mcg/kg/min तक दी जा सकती है।

साइड इफेक्ट्स:

  • अनियमित दिल की धड़कन
  • छाती में दर्द
  • घबराहट या दिल की तेज धड़कन
  • सिर दर्द
  • बीपी बढ़ जाना
  • इंजेक्शन साइट पर काले धब्बे या त्वचा गलने की संभावना

किन्हें नहीं देना चाहिए:

  • तेज़ धड़कनों वाली बीमारियों में (tachyarrhythmia)
  • Adrenal ग्रंथि की ट्यूमर (Pheochromocytoma)
  • शरीर में पानी की कमी (Hypovolemia) जब तक उसे ठीक न कर लिया जाए

सावधानियाँ:

  • BP और ECG की लगातार निगरानी जरूरी
  • डिहाइड्रेशन या फ्लूड की कमी पहले ठीक करें
  • लंबे समय तक देने के लिए सेंट्रल लाइन का उपयोग करें

एक्स्ट्रावैसेशन का इलाज:

अगर इंजेक्शन स्किन के नीचे फैल जाए, तो Phentolamine इंजेक्शन तुरंत लगाना चाहिए।

स्टोरेज निर्देश:

  • 2°C से 25°C तापमान पर रखें
  • लाइट से बचाकर रखें
  • घोलने के बाद तुरंत उपयोग करें

महत्वपूर्ण सवाल:

  1. क्या Dopamine बच्चों को दिया जा सकता है? – हाँ, ICU सेटिंग में वजन के अनुसार डोज देकर।
  2. क्या इसे मसल में (IM) या स्किन के नीचे (SC) दे सकते हैं? – नहीं, केवल IV इन्फ्यूजन देना चाहिए।
  3. इसे कितने समय तक दिया जा सकता है? – जब तक मरीज की स्थिति स्थिर न हो जाए।

निष्कर्ष | Conclusion

Dopamine injection एक जीवनरक्षक दवा है जो केवल डॉक्टर की निगरानी में ICU में दी जाती है। इसका सही डोज और मॉनिटरिंग बहुत जरूरी होता है। यह गंभीर स्थितियों में दिल की पंपिंग क्षमता और ब्लड प्रेशर को सुधारने में मदद करता है।

Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।


Tags: Dopamine injection, Dopamine uses in Hindi, Dopamine IV drip, Emergency drugs in ICU, Cardiac support injection, ICU medicines, डोपामिन इंजेक्शन के फायदे

Editor – www.saivanis.co.in

Blog

Follow Us On

---Advertisement---

Leave a Comment