गठिया (Gout/Arthritis): लक्षण, बचाव के उपाय और दवाइयां | Symptoms, Prevention & Medicines for Gout

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गठिया (Gout/Arthritis): लक्षण, बचाव के उपाय और दवाइयां | Symptoms, Prevention & Medicines for Gout

English: Gout, known as “Gathiya” in Hindi, is a painful form of arthritis caused by the accumulation of uric acid crystals in the joints. It leads to sudden, intense pain, swelling, and redness in joints—most commonly the big toe. In this article, we’ll explore its symptoms, diagnosis, prevention, and treatment options.

हिन्दी: गठिया, जिसे आम भाषा में “गठिया रोग” या “यूरिक एसिड वाला गठिया” कहा जाता है, जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमने से होता है। इससे अचानक तेज दर्द, सूजन और लालिमा होती है, खासकर पैर के अंगूठे में। इस ब्लॉग में हम इसके लक्षण, पहचान, बचाव और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे।


What is Gout (Gathiya)? | गठिया क्या है?

English: Gout is a type of arthritis that results from high levels of uric acid in the blood. The excess uric acid forms crystals that get deposited in joints, causing inflammation and severe pain.

हिन्दी: गठिया एक प्रकार का गठिया रोग है जिसमें शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है और वह जोड़ों में जमने लगता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द और जलन होती है।


Causes of Gout | गठिया के कारण

  • Excessive Uric Acid: Body produces too much uric acid or kidneys can’t excrete it properly.
  • Diet: High-purine foods like red meat, seafood, and alcohol can increase uric acid.
  • Genetics: Family history of gout increases risk.
  • Other conditions: Diabetes, obesity, kidney disease, and high blood pressure.

हिन्दी में:

  • अधिक यूरिक एसिड: शरीर में अत्यधिक यूरिक एसिड बनना या किडनी से ठीक से बाहर न निकलना।
  • खानपान: अधिक मांस, सीफ़ूड, शराब और दालों का सेवन।
  • वंशानुगत कारण: परिवार में गठिया का इतिहास।
  • अन्य बीमारियाँ: मोटापा, डायबिटीज़, हाई बीपी और किडनी की बीमारी।

Symptoms and Identification | लक्षण और पहचान

English: Gout symptoms can occur suddenly, often at night, and include:

  • Severe joint pain (especially in the big toe)
  • Redness and swelling of the affected joint
  • Warmth and tenderness in the joint
  • Stiffness and limited joint movement
  • Fever (in some cases)

हिन्दी: गठिया के लक्षण अक्सर अचानक और रात में शुरू होते हैं:

  • तेज जोड़ों का दर्द, खासकर पैर के अंगूठे में
  • सूजन और लालिमा
  • जोड़ में गर्माहट और संवेदनशीलता
  • जोड़ में जकड़न और हिलने में परेशानी
  • कभी-कभी बुखार भी हो सकता है

Diagnosis of Gout | गठिया की जांच

English: Gout is diagnosed through:

  • Blood tests (to check uric acid levels)
  • Joint fluid analysis (to detect uric acid crystals)
  • X-ray or ultrasound of the joints

हिन्दी: गठिया की पुष्टि निम्न तरीकों से होती है:

  • ब्लड टेस्ट (यूरिक एसिड स्तर जानने के लिए)
  • जोड़ों के तरल की जांच (क्रिस्टल की पहचान)
  • एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड

Preventive Measures | गठिया से बचाव के उपाय

English: Lifestyle changes can help prevent gout attacks:

  • Limit purine-rich foods (meat, beer, shellfish)
  • Stay well hydrated (drink 8–10 glasses of water)
  • Maintain healthy weight
  • Avoid alcohol and sugary drinks
  • Exercise regularly
  • Control diabetes and blood pressure

हिन्दी: जीवनशैली में बदलाव से गठिया को रोका जा सकता है:

  • प्यूरिन युक्त चीजों से परहेज करें (मांस, बियर, मछली)
  • पर्याप्त पानी पिएं (8-10 गिलास प्रतिदिन)
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें
  • शराब और मीठे पेय से दूर रहें
  • नियमित व्यायाम करें
  • डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें

Medicines for Gout | गठिया के लिए दवाइयाँ

1. Pain Relief Medicines (दर्द निवारक)

  • NSAIDs: Ibuprofen, Diclofenac, Indomethacin
  • Colchicine: Specifically used in acute gout attacks
  • Steroids: Prednisolone – in severe cases

2. Uric Acid Lowering Drugs (यूरिक एसिड कम करने वाली दवाएं)

  • Allopurinol: Long-term management
  • Febuxostat (Febutaz, Feburic): For patients intolerant to allopurinol
  • Probenecid: Helps remove uric acid via urine

3. Ayurvedic & Herbal Options (आयुर्वेदिक उपाय)

  • Giloy, Gokshura, Punarnava
  • Patol Patra, Nirgundi Oil
  • Hadjod for joint health

Note: All medicines must be taken under doctor supervision. Self-medication is risky.

नोट: सभी दवाइयाँ डॉक्टर की सलाह पर ही लें। स्वयं दवा लेना खतरनाक हो सकता है।


Diet for Gout Patients | गठिया रोगियों के लिए आहार

  • Include: Low-fat dairy, green leafy vegetables, whole grains, vitamin C-rich fruits
  • Avoid: Organ meats (liver, kidney), red meat, seafood, alcohol, sweetened drinks
  • Consume cherries and lemon water daily

हिन्दी में:

  • खाएं: कम फैट वाली दही, हरी सब्ज़ियाँ, अनाज, नींबू, संतरा
  • न खाएं: रेड मीट, मछली, शराब, कोल्ड ड्रिंक, शुगर युक्त पेय
  • प्रतिदिन चेरी या नींबू पानी का सेवन करें

Lifestyle Management | गठिया में जीवनशैली का महत्व

English: Managing stress, keeping a routine sleep cycle, and avoiding long sitting hours helps reduce flare-ups.

हिन्दी: तनाव कम करना, अच्छी नींद लेना और लंबे समय तक बैठने से बचना गठिया को नियंत्रित करने में सहायक है।


Common Myths vs Facts | गठिया से जुड़ी भ्रांतियाँ

  • Myth: Only old people get gout
  • Fact: Gout can affect anyone, even in their 30s
  • Myth: Gout is only caused by diet
  • Fact: Genetics and kidney function also play major roles

Conclusion | निष्कर्ष

English: Gout is a manageable condition if identified early and treated properly. With a healthy diet, regular exercise, and medical guidance, one can prevent painful gout attacks and lead a normal life.

हिन्दी: गठिया एक नियंत्रित किया जा सकने वाला रोग है यदि समय पर पहचाना जाए और सही इलाज लिया जाए। संतुलित आहार, व्यायाम और सही दवाओं के माध्यम से इसे रोका जा सकता है।


Disclaimer: This content is for educational purposes only. Consult a licensed medical professional for diagnosis and treatment.

Editor – www.saivanis.co.in

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